ईरान के बाद इस देश पर हमला करेगा अमेरिका? ओवैसी ने कर दी ट्रंप के अगले टारगेट की भविष्यवाणी

अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ चल रही जंग को लेकर AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जमकर निशाना साधा है. उन्होंने अपने भाषण में अमेरिका और इजरायल के मंसूबों का जिक्र किया और साथ ही अरब के देशों को आगाह किया. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी निशाना साधा. 

ओवैसी ने कहा, ‘अमेरिकी और यहूदी गजा की तरह ईरान को बर्बाद करना चाहते हैं और कोई समझ रहा है कि ईरान बर्बाद हो जाएगा, तो उसके बाद कुछ नहीं होगा, तो उसके बाद तुर्किये की बारी आएगी. पूरे अरब मुमालिक की बारी आएगी. नुकसान किसका हो रहा है, पूरे अरबम का हो रहा है.’ 

नेतन्याहू और ट्रंप बर्बाद करना चाहते हैं: ओवैसी 

AIMIM चीफ ने कहा, ‘अल्लाह इस जंग को खत्म करे. हम दुआ करते हैं कि यह जो अहसास ए जात है, जो अरब मुमालिक में है, यह सदका है मेरे मालिक का. उसी जमीन के नीचे अल्लाह ने दौलत रखी. आज ये जालिम लोग, नेतन्याहू और ट्रंप उसे बर्बाद करना चाहते हैं.’ 

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले ओवैसी? 

ओवैसी ने कहा कि हमारे मुल्क के वजीर-ए-आजम, जितना उनके बारे में बोले कम है. आप देख रहे हैं, पूरे अमेरिका अपने फौज को जमा कर रहा है. दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर भिजवा दिया, चार सौ अपने फाइटर जेट्स को भेजा दिया और अब मोदी के दोस्त नेतान्याहू बोलते हैं, कि आ जाओ न जरा. उनको आना था, ये चले गए. क्यों गए? मोदी जाने के बाद बोल रहे, हमको नहीं मालूम था ऐसा होगा. 

ओवैसी ने कहा, ‘आपको कोई रॉकेट साइंटिस्ट होने की जरूरत नहीं है, आप यह जानकर गए कि अमेरिका अपने दो एयरक्राफ्ट और 400 जेट्स को तैयार करके रखा था. आप निकले वहां से और हमला हो गया. अब गैस नहीं है. भारत में 60% गैस कतर से, सऊदी अरब से इम्पोर्ट करते हम. ये आत्म निर्भर भारत बोलते, सब है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है तेल. 60% तेल और 90% गैस वहीं से आती है. पहले क्या था, लॉजिस्टिक प्रॉब्लम थी. पहले बंद था. अभी भी बंद है. अब क्या प्रोडक्शन का प्रॉब्लम हो गया. कतर का जो गैस का फील्ड है, वहां बमबारी हो गई. ईरान ने कर दी. अब वहां पर आठ महीने के बाद से गैस का प्रोडक्शन शुरू होगा.  यहां पर हुकूमत क्या बोल रही कि हमारे पास गैस है. अरे तुम्हारी जुबान की गैस से परेशान है, देश.’ 

छोटे-छोटे दुकानदार खत्म हो गए: ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि पूरे छोटे-छोटे दुकानदार खत्म हो गए. मंडियों पर जो लोग अपना कारोबार करते थे, बंद हो गए. हाइवे पर ढाबे बंद हो गए. पर हुकमरानों को फिक्र ही नहीं है. मैं पहले से कह रहा था कि हम न ईरान के साथ थे, न अमेरिका के साथ और न ही इजरायल के साथ. हम सभी के साथ थे. मगर फिलिस्तीन की समस्या को अपनी समस्या समझते थे. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने क्या किया, अपने आप को ट्रंप और नेतन्याहू के खाने में जमा कर दिया. अब आप क्या जंग रुकवाएंगे, अगर आप न्यूट्रल होते, गैर जानिब होते, तो हो सकता आपकी बात में वजन होता. मैं देख रहा हूं कि बजीरेआजम इनसे बात कर रहे हैं, उनसे बात कर रहे. अरे खुलकर बोलो कि ये जंग गलत है.

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