मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच खबर आई थी कि फारस की खाड़ी में हजारों की संख्या में नाविक फंसे हुए हैं. इस युद्ध के चलते समुद्र के भीतर 500 से 700 जहाज फंसे हुए हैं. अब उसी को लेकर बुधवार को एक और अपडेट सामने आया है. यहां जहाज के सामने धमाका हुआ है. समुद्र में फंसे भारतीय नाविकों में दहशत पनप गई है.
इससे पहले हिमाचल के कुल्लू के रहने वाले कैप्टन रमन कपूर ने एक वीडियो जारी किया था. इसमें उन्होंने बताया था कि फारस की खाड़ी में करीब 2 हजार भारतीय नाविक फंसे हुए हैं. यह सभी खौफ में हैं. इसके अलावा 500 से 700 जहाज भी फंसे हुए हैं. स्थिति बेहद ही गंभीर है.
इसके अलावा उन्होंने कहा था कि शिप पर लगातार हमले हो रहे हैं. खासकर उन शिप पर जिनका अमेरिका और इजरायल से किसी तरह का कनेक्शन है. ईरान की कोशिश खाड़ी से कोई भी जहाज सिवाय भारत और अमेरिका को छोड़कर ऑयल टैंकर बाहर न जा पाए.
कैप्टन ने वीडियो में और क्या जानकारी दी थी?
कैप्टन ने अपने वीडियो में जानकारी दी है कि उनका शिप पहले ही इराक से कार्गो लोड करके आया है. लेकिन अब वह न बाहर जा सकते हैं, और न रह सकते हैं. सभी नाविकों में टेंशन है, जो लगातार बढ़ती जा रही है. सुरक्षा स्थितियों की वजह से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिल रही है. एयरपोर्ट और समुद्री रास्ते बंद है. इससे स्थिति और गंभीर हो गई है.
युद्ध समाप्ति के आसार नहीं, 18 दिन से जंग जारी
पिछले 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान में तनाव बना हुआ है. युद्ध को कुल 18 दिन हो चुके हैं. फिलहाल युद्ध खत्म होने को लेकर किसी भी तरह का संकेत नहीं मिला है. इधर, मिडिल ईस्ट में बने संकट के बीच भारतीय जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करते हुए सुरक्षित वापसी की है. 17 मार्च को भारतीय जहा शिवालिक मुंद्रा पोर्ट पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर पहुंचा है. यह लगभग 3.24 मिलियन घरेलू गैस सिलिंडर के बराबर है.
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