लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज शुक्रवार (6 फरवरी) को संसद भवन में GIG वर्कर्स के अधिकारों को लेकर विभिन्न GIG वर्कर्स संगठनों के प्रतिनिधियों से अहम मुलाकात की. असंगठित कामगार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज के नेतृत्व में GIG वर्कर्स के संगठनों ने राहुल गांधी से मुलाकात की है.
GIG वर्कर्स की क्या हैं मांगें
संसद भवन में आयोजित इस बैठक में झारखंड प्रदेश टैक्सी ऐप बेस्ड वर्कर यूनियन, राजस्थान GIG एवं ऐप बेस्ड वर्कर यूनियन, कर्नाटक ऐप बेस्ड वर्कर यूनियन और GIG वर्कर एसोसिएशन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. इस दौरान GIG वर्कर्स ने अपने रोजगार से जुड़े मुद्दे और अधिकारों से संबंधित मांगें राहुल गांधी के सामने रखीं.
राहुल गांधी से क्या मिला आश्वासन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने GIG वर्कर्स को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और GIG वर्कर्स के लिए कानून लागू करवाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, वहां इस कानून को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. इसके बाद उन्होंने कहा कि खासकर बीजेपी शासित राज्यों में इस कानून को लागू करवाने के लिए राजनीतिक और जनदबाव बनाया जाएगा.
किन लोगों को कहा जाता है GIG वर्कर्स
बता दें कि इस बैठक को GIG वर्कर्स के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जहां ऐप आधारित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति पर चर्चा की गई. गिग वर्कर्स (Gig Workers) उन्हें कहा जाता है जो लोग किसी एक कंपनी के स्थायी कर्मचारी नहीं होते, बल्कि अपनी सुविधानुसार अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए काम करते हैं. इन्हें (डिलीवरी बॉय, ड्राइवर या फ्रीलांसर) को प्लेटफ़ॉर्म वर्कर भी कहा जाता है.
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