विदेशों से जबरन भारत भेजे गए 1.68 लाख भारतीय, सऊदी और UAE ने सबसे ज्यादा किए डिपोर्ट

Deportation On Indian Citizens: संसद में गुरुवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी कि पिछले पांच साल (2021–2025) में कुल 1,68,665 भारतीय नागरिकों को विभिन्न देशों से डिपोर्ट किया गया. यह आंकड़ा राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में साझा किया गया.

डिपोर्ट का आंकड़ा और प्रमुख देश

आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर डिपोर्ट पश्चिम एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और उत्तरी अमेरिका के कुछ देशों में केंद्रित रही, जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं.

  • सऊदी अरब ने अकेले 1.2 लाख (72.1%) भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो किसी एक देश से सबसे अधिक है.
  • UAE ने 21,310 भारतीयों को  डिपोर्ट किया, जिसमें 2023 के बाद दुबई से  डिपोर्ट में तेजी देखी गई.
  • मलेशिया और कतर ने भी बड़ी संख्या में भारतीयों को  डिपोर्ट किया.
  • अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन से कुल 8,518 भारतीयों की डिपोर्ट हुए हैं, जिनमें से लगभग आधे (4,122) 2025 में हुए.
  • अमेरिका और कनाडा में मौजूदा हालात

अमेरिका से डिपोर्ट में 2024–25 में तेजी आई है. कनाडा भी भारतीयों को  डिपोर्ट करने वाले टॉप 10 देशों में शामिल रहा. पंजाब और हरियाणा के लोग काफी बड़ी संख्या में डिपोर्ट हुए हैं.

भारतीय नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार

संसद को बताया गया कि डिपोर्ट के दौरान भारतीय नागरिकों के साथ किसी भी तरह के अमानवीय व्यवहार को रोकने के लिए भारत सरकार अमेरिका और अन्य विदेशी सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है. सभी मामलों में भारतीय नागरिकता की स्पष्ट जांच की जाती है. अमेरिकी सरकार से लगातार संवाद किया जा रहा है ताकि  डिपोर्ट के दौरान सभी भारतीय, खासकर महिलाएं और बच्चे सम्मानजनक तरीके से सुरक्षित रहें. भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंता और सुझाव भी दर्ज कराए हैं.

अवैध एजेंटों और मानव तस्करी पर कार्रवाई

संसद को यह भी जानकारी दी गई कि अवैध भर्ती एजेंटों, अपराधियों और मानव तस्करी के गिरोहों के खिलाफ जांच जारी है. लौटने वाले भारतीयों की गवाही और अनुभव के आधार पर कई मामले दर्ज किए गए हैं. दिसंबर 2025 तक 3,505 अवैध एजेंटों को ई-माइग्रेट पोर्टल पर नोटिफाई किया गया. सुरजेवाला ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या विदेश सरकारों के साथ  डिपोर्ट के दौरान महिलाओं, बच्चों और अन्य नागरिकों के अपमानजनक व्यवहार के संबंध में औपचारिक बातचीत की गई है.

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