‘हैदराबाद के निजाम के आभूषण सुरक्षित…’, राज्यसभा में पूछा राज्यसभा सांसद रेड्डी ने सवाल, सरकार ने क्या जवाब दिया?

राज्यसभा में हैदराबाद में निजाम के आभूषणों का प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया. राज्यसभा सांसद एस. निरंजन रेड्डी में पूछा कि क्या संस्कृति मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार को पता है कि निजाम के 173 उत्कृष्ट आभूषण 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में सुरक्षित रखे हुए हैं और क्या सरकार हैदराबाद के लोगों और विरासत के लिए निजाम के आभूषणों के गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को मान्यता देती है? क्या लंबे समय से यह सार्वजनिक भावना है कि इन कलाकृतियों को उनके मूल शहर में प्रदर्शित किया जाना चाहिए?

इसके अलावा उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस संग्रह को स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए हैदराबाद स्थानांतरित करने का प्रस्ताव करती है. यदि हां, तो इस तरह के स्थानांतरण के लिए योजनाओं और समय‑सीमा के विवरण क्या हैं?

केंद्र सरकार ने जवाब में क्या बताया है? 

इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि हां, श्रीमान, निजाम के 173 उत्कृष्ट आभूषण भारतीय रिजर्व बैंक के वाल्ट में सुरक्षित रखे हैं. सरकार को इसकी जानकारी है. संस्कृति मंत्रालय निजाम के आभूषणों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को मान्यता देता है, जिसमें इन कलाकृतियों से जुड़ी सार्वजनिक भावना भी शामिल है.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ सुरक्षा, बीमा और संरक्षण के लिए मौजूदा समझौते के अनुसार, आभूषण RBI की उच्च‑मूल्य, उच्च‑सुरक्षा कस्टोडियल व्यवस्था के तहत हैं. हालांकि, वर्तमान में हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए संग्रह को स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है..

यह दुनिया का सबसे शानदार संग्रहों में से एक है

हैदराबाद के निजामों के आभूषण संग्रह, जो 18वीं और 20 वीं सदी की दुनिया के सबसे धनी और शानदार संग्रहों में से एक है. इसमें 173 कीमती वस्तुएं शामिल हैं. इनमें 184.75 कैरेट का प्रसिद्ध जैकब हीरा, सात लड़ा वाला मोतियों का हार, पन्ना, गोलकुंडा के हीरे और बेशकीमती ताज के आभूषण हैं. 1995 से यह आभूषण भारत सरकार के पास अधिग्रहित हैं. आरबीआई की वॉल्ट सुरक्षा में रखे गए हैं. 

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