एपस्टीन फाइल्स के साथ जोड़ा गया दलाई लामा का नाम, बचाव में उतरे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जानें क्या कहा?

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अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार (8 फरवरी, 2026) को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का नाम विवादित एपस्टीन फाइल्स के साथ जोड़े जाने के बाद उनका बचाव किया है. रिजिजू ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवित्र आध्यात्मिक संस्थाओं को ऐसे किसी भी मामले में नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

किरेन रिजिजू ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर कहा, ‘पवित्र पूजनीय दलाई लामा को एपस्टीन फाइल्स या किसी भी अन्य विवाद से लापरवाही के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए. जिसका उद्देश्य उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने का हो. हमें ऐसी गलत लाइफस्टाइल, कैजुअल रिलेशनशिप कल्चर और अपरंपरागत संबंधों का शिकार नहीं बनना चाहिए.’

दलाई लामा के ऑफिस ने दावों को सिरे से किया खारिज

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की यह प्रतिक्रिया तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के कार्यालय की ओर से रविवार (8 फरवरी, 2026) को जारी किए गए आधिकारिक बयान के बाद सामने आई है, जिसमें दलाई लामा के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ जुड़ाव के दावे किए गए थे. हालांकि, दलाई लामा के ऑफिस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसे दावों का कोई आधार नहीं है.

दलाई लामा के ऑफिस ने X पर किए पोस्ट में कहा, ‘हाल ही में एपस्टीन फाइल्स से संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दलाई लामा को जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. हम साफ तौर पर इस बात की पुष्टि करते हैं कि दलाई लामा की जेफ्री एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई है और न ही उन्होंने कभी अपनी ओर से किसी को उनसे मिलने या किसी भी तरह की बात करने के लिए भेजा है.’

DOJ ने सार्वजनिक किए 30 लाख नए दस्तावेज

दलाई लामा को लेकर यह दावा अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) की ओर से एपस्टीन फाइल्स से जुड़े 30 लाख दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने के बाद सामने आया है. DOJ की ओर से जारी किए गए नए दस्तावेजों में दुनिया के कई देशों के राजनीतिक, व्यावसायिक और कई हाई-प्रोफाइल लोगों को जिक्र किया गया है.


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