Bhupen Bora: असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. पूर्व कांग्रेस स्टेट चीफ भूपेन बोरा 22 फरवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. इस खबर को राज्य की राजनीति में बड़ा झटका माना जा रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बोरा का बीजेपी में आना उनके लिए घर वापसी जैसा है. बताया जा रहा है कि भूपेन बोरा के साथ उनके कई करीबी नेता और समर्थक भी बीजेपी में शामिल होंगे. इससे विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो सकती है और बीजेपी को मजबूती मिल सकती है.
भूपेन बोरा कौन हैं?
भूपेन कुमार बोरा का जन्म 30 अक्टूबर 1970 को लखीमपुर असम में हुआ था. उन्होंने नॉर्थ लखीमपुर कॉलेज और डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की. वे नॉर्थ लखीमपुर कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट और डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी भी रहे.
कांग्रेस में रहते हुए बोरा ने 2021 से 2024 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ के रूप में काम किया. वे 2006 से 2016 तक बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे. मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के समय वे असम सरकार के प्रवक्ता और पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी भी रहे थे.
क्यों छोड़ी कांग्रेस
16 फरवरी 2026 को भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. उनका कहना था कि पार्टी के अंदर फैसले लेने में दिक्कतें हैं और अंदरूनी मतभेद बढ़ रहे हैं. खासकर माजुली यात्रा के दौरान उम्मीदवार और सहयोगियों के चयन को लेकर उन्होंने पार्टी में लोकतांत्रिक सोच की कमी महसूस की. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक सच्चे नेता को दुख होता है जब उसकी पार्टी जीतने के लिए पूरी कोशिश नहीं करती. बोरा ने भी ऐसा ही महसूस किया और इसके बाद उनका बीजेपी में शामिल होना तय हो गया.
असम की राजनीति पर क्या होगा असर
- भूपेन बोरा जैसे अनुभवी नेता का बीजेपी में जाना कई मायनों में अहम माना जा रहा है.
- इससे कांग्रेस कमजोर हो सकती है और दूसरे नेताओं को भी पार्टी बदलने का संकेत मिल सकता है.
- बीजेपी को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिल सकती है और उसकी लोकप्रियता बढ़ सकती है.
- वोटरों की सोच पर असर पड़ सकता है, खासकर असमिया समुदाय में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो सकती है.
- विधानसभा चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
कांग्रेस की क्या रही प्रतिक्रिया
बोरा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे बात की. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्टेट इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि बोरा का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है. राहुल गांधी समेत पार्टी के बड़े नेताओं से बातचीत के बाद बोरा ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया.