हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ हिट नहीं होतीं, बल्कि अपने निर्माता के लिए वरदान और बोझ दोनों बन जाती है. मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप इन दिनों अपनी ही सुपरहिट फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ को लेकर कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस फिल्म ने उन्हें पहचान भी दी और उसी पहचान ने उन्हें सीमित भी कर दिया है. हाल ही में एक इंटरव्यू में अनुराग ने खुलकर कहा कि फरहान अख्तर और करण जौहर के अलावा इंडस्ट्री में शायद ही कोई और निर्देशक होगा, जो उनसे ज्यादा लोगों के साथ सेल्फी खिंचवाता हो. लेकिन ज्यादातर लोग उन्हें आज भी सिर्फ ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के डायरेक्टर के नाम से ही जानते हैं.
नहीं बनेगा वासेपुर का तीसरा पार्ट
द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बातचीत में अनुराग ने बताया कि उन्होंने अब तक कई फिल्में, शॉर्ट फिल्में, वेब शोज बनाए हैं और एक्टिंग भी की है. इसके बावजूद जब लोग उनसे मिलते हैं तो एक ही सवाल पूछते हैं कि ‘सर, वासेपुर 3 कब बना रहे हैं?’ उन्होंने साफ कहा कि वो तीसरा पार्ट नहीं बनाएंगे, क्योंकि वह सिर्फ दर्शकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए फिल्म नहीं बनाना चाहते. उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम सफल निर्देशक की दौड़ में शामिल होने के लिए नहीं रखा था. वो कहानियां कहना चाहते थे, नए एक्सपेरिमेंट्स करना चाहते थे. इसके लिए वो कमर्शियल नुकसान भी उठाने को तैयार हैं.
वासेपुर के कारण 2 भाग में आई निशानची
अनुराग ने अपनी हालिया फिल्म निशानची का जिक्र करते हुए कहा कि ये दो हिस्सों में बनी क्राइम कॉमेडी थी. इस फिल्म पर भी ‘वासेपुर’ की छाया पड़ गई. शुरुआत में इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज करने की प्लानिंग थी, लेकिन ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के कारण इसे दो भागों में सिनेमाघरों में रिलीज किया गया. हालांकि यह सफल नहीं रहा. फिल्म का पहला भाग बॉक्स ऑफिस पर खास कमाई नहीं कर पाया. बाद में जब दोनों पार्ट एक साथ ओटीटी पर आए, तब जिन लोगों ने फिल्म देखी, उन्होंने उसे बेहतर समझा.
मुझे बनाया और बर्बाद किया…
निशानची की प्रतिक्रिया के बाद अनुराग ने खुद से भी सवाल करने लगे थे कि क्या उनकी आवाज अब पहले जैसी असरदार नहीं रही? उन्हें यह बात परेशान करती है कि हर पारिवारिक या गैंगस्टर कहानी की तुलना ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से की जाती है. हॉलीवुड निर्देशक फ्रांसिस फोर्ड कोपोला ने अपनी क्लासिक फिल्म द गॉडफादर के बारे में कहा था कि ‘इसने मुझे बनाया भी और बर्बाद भी किया.’ अनुराग भी ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बारे में ऐसा ही महसूस करते हैं.