उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अकबर नगर के 91 लोगों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से नाम हटा दिया गया था. इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन इन्हें निराशा हाथ लगी है. सुप्रीम कोर्ट ने SIR लिस्ट में जगह न मिलने वाले 91 लोगों की याचिका नहीं सुनी. इन लोगों का कहना था कि लखनऊ के अकबर नगर में अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई के बाद वह उस पते पर नहीं रह रहे हैं. इस कारण उनके नाम हटाए गए हैं.
जजों ने इस मसले पर कहा कि यह ऐसा मामला नहीं जिस पर सीधे सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे. अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों की जांच स्थानीय बीएलओ कर सकता है. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने अपनी बात रखने को कहा है.
क्या है पूरा मामला
लखनऊ के अकबर नगर में कुकरैल नदी के रिवरफ्रंट सौंदर्यीकरण के लिए बड़े पैमाने पर अवैध बस्तियों को गिराया गया था. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि घर टूटने की वजह से अब उस पते पर नहीं रहते हैं. लिहाजा उनके नाम को जोड़ा जाए.
अभी भी चल रही है एसआईआर की प्रक्रिया
एसआईआर के तहत अंतिम वोटर लिस्ट के पब्लिश होने के बाद नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या 1.70 करोड़ से अधिक कम हो गई है. एसआईआर प्रक्रिया अभी जारी है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा और केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साल 27 अक्टूबर को एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन राज्यों में कुल मिलाकर 21.45 करोड़ से अधिक मतदाता थे. इस सप्ताह फाइनल वोटर प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं की संख्या 1.70 करोड़ घटकर 19.75 करोड़ रह गई. वर्तमान में यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है, जिसमें लगभग 60 करोड़ मतदाता शामिल हैं.
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