टीवी सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं, समाज का आईना भी होता है. जब किसी पॉपुलर शो में किसी संवेदनशील मुद्दे को उठाया जाता है, तो उसकी गूंज घर-घर तक पहुंचती है. इन दिनों स्टार प्लस का मशहूर सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह कोई साजिश या इमोशनल ट्विस्ट नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर की गई जरूरी बात है. शो में तुलसी का किरदार निभा रही स्मृति ईरानी ने ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ जैसे मुद्दे पर बात कर एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की है.
बच्ची को तुलसी से मिली सीख
हाल के एपिसोड में एक दर्दनाक घटना हुई, जहां एक बच्ची के किडनैप होने के बाद उसकी मानसिक स्थिति को संवेदनशील तरीके से दिखाया गया. इस मुश्किल समय में तुलसी उस बच्ची से प्यार से बात करती है. वह उससे सीधे सवाल करने के बजाय उसे समझाती है कि ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ में क्या फर्क होता है. वह बच्ची को भरोसा भी दिलाती है कि अगर उसके साथ कुछ गलत हुआ है, तो उसे चुप रहने की जरूरत नहीं है. उसकी आवाज की अहमियत है और उसकी सुरक्षा सबसे ऊपर है. इस सीन ने दर्शकों को भावुक कर दिया, क्योंकि यह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि कई घरों से जुड़ा मुद्दा है.
सामाजिक मुद्दों को उठाता है शो
स्मृति ईरानी ने भी इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि शो की वापसी सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि जरूरी सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात करने के वादे के साथ हुई है. पहले भी शो में घरेलू हिंसा, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और बढ़ती उम्र जैसे विषयों को उठाया गया है. लेकिन बच्चों की सुरक्षा पर सीधे और साफ शब्दों में बात करना सबसे ज्यादा जरूरी था. ऐसी कहानियां दिखाना आसान नहीं होता. ये असहज करती हैं, दिल दुखाती हैं, लेकिन अगर इन पर बात नहीं होगी तो बदलाव कैसे आएगा? जब तक दर्शक साथ हैं, तब तक वे ऐसे मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. बता दें, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ हर रोज रात 10:30 बजे स्टार प्लस पर प्रसारित होता है.