केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देश का बजट संसद में पेश कर दिया है. इस पर शिवसेना के उद्धव गुट की ओर से पहला रिएक्शन सामने आया है. राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने बजट के लिए साड़ी तो तमिलनाडु की पहनी थी, लेकिन वो अमेरिकी टैरिफ पर चुप रहीं, जहां के लोगों को इस पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा.
यूबीटी सांसद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी द्वारा किए गए वादे के अनुसार बजट में बड़े रिफॉर्म की उम्मीद थी, लेकिन बजट निराशाजनक रहा. ग्लोबल उथल-पुथल को ध्यान में रखते हुए भारत के नजरिए को स्पष्ट करने के उद्देश्य से लाया गया यह बजट अपने लक्ष्य से भटक गया.’
Had hopes of a reformatory budget as promised by Hon. PM, however the budget has been disappointing. It was to lay down India’s vision considering the global turbulence but clearly missed the bus
– Ma’m as predicted was wearing a handloom saree from Tamil Nadu (keeping election…
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) February 1, 2026
उन्होंने लिखा, ‘जैसा कि अनुमान था, वित्त मंत्री जी ने तमिलनाडु की हथकरघा साड़ी पहनी थी (चुनाव वाले राज्य को ध्यान में रखते हुए), लेकिन तिरुपुर और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी टैरिफ के भारी प्रभाव पर उन्होंने चुप्पी साध रखी थी, जहां भारत के विश्व में सबसे अधिक टैरिफ वाला देश बने रहने के कारण नुकसान हुआ है.’
कमजोर रुपये की वजह से आयातकों को भारी नुकसान: प्रियंका
प्रियंका चतुर्वेदी ने कमजोर होते रुपये का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा, ‘कमजोर होते रुपये के कारण भारतीय आयातकों को भारी नुकसान हो रहा है और उनकी परेशानी कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है. बेरोजगारी, रोजगार सृजन और अल्प-रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया है.’
बजट में किसानों की अनदेखी: प्रियंका चतुर्वेदी
यूबीटी सांसद ने लिखा कि मुद्रास्फीति और स्थिर आय पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है. स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और अनुसंधान के लिए कुछ भी नहीं किया गया है. किसानों की अनदेखी की गई है – कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, भंडारण, आसान ऋण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं हुई है. सुधारों के माध्यम से स्थिर विनिर्माण क्षेत्र को गति देने का प्रयास स्पष्ट रूप से गायब है.
आखिर में उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए लिखा- बजाओ ताली.