लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी का भाषण शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में डोकलाम और चीन से जुड़े अहम तथ्यों का जिक्र करते हुए पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का हवाला दिया. इससे सदन में तेज बहस छिड़ गई.
डोकलाम में चीनी टैंकों का हवाला
राहुल गांधी ने कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे, और वे केवल कुछ 100 मीटर दूर थे. उन्होंने यह जानकारी एक मैगजीन के आर्टिकल और नरवणे की किताब (मेमॉयर) का हवाला देते हुए दी. राहुल ने सदन से कहा, ‘ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चलेगा कौन देशभक्त है और कौन नहीं.’
किताब पर विवाद
राहुल गांधी ने दावा किया कि यह किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है और डोकलाम से जुड़े तथ्य दबाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई सामने आने से रोक रही है. इसके बाद उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का जिक्र किया.
राजनाथ सिंह और अमित शाह का हस्तक्षेप
राहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए और कहा कि ऐसे गंभीर आरोप बिना प्रमाण के नहीं लगाए जा सकते. उन्होंने यह भी कहा कि जिस किताब का हवाला राहुल दे रहे हैं, वह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और अन्य सदस्यों ने भी हस्तक्षेप किया.
हालांकि, आपत्तियों के बावजूद राहुल गांधी अपने बयान पर कायम रहे. उन्होंने किताब को ‘100 फीसदी ऑथेंटिक’ बताते हुए कहा कि अगर सरकार किसी किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसमें लिखी बातें सच हैं.
स्पीकर और नियमों का हवाला
स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन में किताब रखने पर जोर दिया. राहुल गांधी की 46 मिनट लंबी स्पीच के दौरान उन्हें लगभग हर लाइन पर राजनाथ सिंह, अमित शाह, राजकिशोर रिजिजू, निशिकांत दुबे और स्पीकर द्वारा टोका गया और नियमों का हवाला दिया गया.