‘कल PM के साथ कुछ भी हो सकता था’, ओम बिरला के दावे पर आया डिंपल यादव का रिएक्शन, जानें क्या कहा?

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव नहीं दिया. उनका भाषण टलने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कांग्रेस सांसदों द्वारा पीएम मोदी की कुर्सी घेर लेने का आरोप लगाया और साथ कहा है कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री को लोकसभा में नहीं आने की सलाह दी थी. इसके अलावा विपक्ष पर बीजेपी की तरफ से बड़े आरोप लगाए हैं. 

बीजेपी MP मनोज तिवारी ने महिला सांसदों पर लगाए थे आरोप

बुधवार शाम को भी पीएम का भाषण टलने के आरोपों के बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि यह विरोध पहले से तय योजना के तहत किया गया था. महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास घेराव की स्थिति बना रही थीं. स्थिति डराने वाली थी. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिरिजू ने हालात को काबू किया. 

उन्होंने कहा कि शाम करीब पांच बजे जब सदन फिर से शुरू हुआ, प्रधानमंत्री के जवाब की उम्मीद थी. तभी विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की सीटों के पास पहुंच गई. इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थी. उन लोगों ने डू व्हॉट इज राइट लिखा बैन पकड़ रखा था. यह विरोध सस्पेंड किए गए नेताओं के समर्थन में था. 

डिंपल यादव बोलीं- हम किसी पर हमला नहीं करना चाहते

अब इस पर समाजवादी पार्टी से सांसद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया दी है. जब डिंपल यादव से इस संबंध में बातचीत की तो उन्होंने कहा, उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री जी आज आकर बोलेंगे, लेकिन वह नहीं बोले. नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए. हम भी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी आए नहीं उम्मीद करते हैं कल आएं. सदन में लीडर आफ ओपजीशन को बोलने नहीं दिया जा रहा है. सांसद को बोलने नहीं दिया जा रहा है.

सपा सांसद ने कहा,  ‘नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है. हमारा सवाल यह है कि ट्रेड डील आखिरी कैसे हो गई. ट्रेड डील में क्या कौन-कौन से प्रोडक्ट आयात किए जाएंगे? 0% टैरिफ पर इस डील को क्यों साइन किया गया. हम लोग किसी पर हमला नहीं करना चाहते हैं. न हमला करने वाले हैं.’

सदन में जो हुआ वह एक काले धब्बे की तरह: ओम बिरला

डिंपल यादव की प्रतिक्रिया लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बयान पर आई है. उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले कहा, ‘सदन में जो हुआ, वह एक तरह से काले धब्बे की तरह था. मेरे पास पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री के पास पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं. अगर ये घटना हो जाती तो यह बेहद निंदनीय नहीं होती. मैंने पीएम से आग्रह किया कि उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए. उन्होंने मेरी बात मानी. लोकसभा चैंबर में भी सांसदों ने हंगामा किया.’ 

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