Explained: 5 सालों में 22 राज्यों के चुनाव में कहां लौटी सत्ता और बदले CM, क्या 2026 के चुनावी नतीजों में नए चेहरों पर लगेगा दांव?

2021 से अब तक कई बड़े राज्यों में चुनाव हुए. जहां सत्ताधारी पार्टी को दोबारा सरकार बनाने का मौका तो मिला, लेकिन मुख्यमंत्री बदल दिए गए. फिर मध्य प्रदेश हो या राजस्थान या फिर छत्तीसगढ़. इसे एंटी-इन्कम्बेंसी कह लीजिए या फिर जातिगत समीकरण को साधना. बावजूद इसके 5 बड़ी वजहें निकलकर सामने आती हैं. तो एक्सप्लेनर में जानेंगे कि बीते 5 सालों में किन राज्यों में चुनाव हुए, कहां सीएम बदल दिए और क्यों…

सवाल 1: 2021 में किन राज्यों में चुनाव हुए और नतीजे क्या रहे?

जवाब: साल 2021 की शुरुआत चुनावी रणभेरी के साथ हुई. मार्च-अप्रैल में 5 राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव हुए. सभी नतीजे 2 मई 2021 को एक साथ घोषित हुए.

  1. पश्चिम बंगाल (292 सीटें): ममता बनर्जी की TMC ने 215 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाई. वह तीसरी बार CM बनीं. यह चुनाव अत्यधिक हिंसक और बयानबाजी वाला रहा. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के ‘प्रवक्ता’ की तरह काम करने का गंभीर आरोप लगाया.
  2. असम (126 सीटें): बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन (AGP और UPPL के साथ) लगभग 76-77 सीटों के साथ दोबारा सत्ता में लौटा. बीजेपी से हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने. यह बीजेपी के लिए ऐतिहासिक जीत थी क्योंकि पार्टी ने पूर्वोत्तर के किसी बड़े राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई.
  3. केरल (140 सीटें): पिनाराई विजयन की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने 95 सीटों के साथ सरकार बनाई. पिनाराई विजयन लगातार दूसरी बार सीएम बने. केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी का यह दुर्लभ उदाहरण था, क्योंकि यहां आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलती है.
  4. तमिलनाडु (234 सीटें): एम. के. स्टालिन की DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन (कांग्रेस, Left, VCK, IUML के साथ) ने 148-156 सीटों के बीच शानदार जीत हासिल की. एम. के. स्टालिन ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की AIADMK सरकार का अंत था.
  5. पुडुचेरी (30 सीटें): NDA गठबंधन (AINRC, BJP, AIADMK) ने 14-16 सीटों के साथ सरकार बनाई. AINRC के एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने. कांग्रेस के लिए यह निराशाजनक रहा.

इस साल तमिलनाडु में सीएम को बदला गया. बाकी राज्यों (बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी) में सत्तारूढ़ पार्टी ने जीत दर्ज की और सीएम वही रहे.

सवाल 2: 2022 में किन राज्यों में चुनाव हुए और क्या बदलाव आया?

जवाब: 2022 में 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर) में विधानसभा चुनाव हुए. नतीजे 10 मार्च 2022 को आए.

  1. उत्तर प्रदेश (403 सीटें): बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 250 से अधिक सीटें जीतीं. योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार सीएम बने. यहां कोई सीएम बदलाव नहीं हुआ.
  2. पंजाब (117 सीटें): आम आदमी पार्टी (AAP) ने 92 सीटों के साथ जीत दर्ज की, जो एक भूस्खलन जीत थी. भगवंत मान पहली बार सीएम बने. यहां बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि सत्ता पूरी तरह पलट गई. भगवंत मान को इसलिए चुना गया क्योंकि पंजाब में एक स्थानीय सिख चेहरे की जरूरत थी.
  3. उत्तराखंड (70 सीटें): बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब रही. मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट खतीमा से चुनाव हार गए. हालांकि बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही और बाद में धामी को दूसरी सीट से जीतकर फिर से सीएम बनाया गया. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (कांग्रेस) भी हारे.
  4. गोवा (40 सीटें): बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. प्रमोद सावंत ही फिर से सीएम बने. पूर्व सीएम चर्चिल अलेमाओ सहित कई दिग्गज हारे.
  5. मणिपुर (60 सीटें): बीजेपी सरकार बनाने में सफल रही. एन. बीरेन सिंह लगातार दूसरी बार सीएम बने.

कुल मिलाकर पंजाब में AAP ने कांग्रेस और अकाली दल को हराकर नई सरकार बनाई थी इसलिए सीएम बदले गए. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) और पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल (अकाली दल) हार गए थे. उत्तराखंड और गोवा में बीजेपी सत्ता में बनी रही, लेकिन नेतृत्व में थोड़ा उतार-चढ़ाव आया क्योंकि पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट हार गए थे.

सवाल 3: 2023 में कौन से चुनाव हुए और कैसे बदली तस्वीर?
जवाब: 2023 का चुनावी साल सबसे दिलचस्प रहा क्योंकि यह 5 बड़े राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) में हुआ था. नतीजे 3 दिसंबर 2023 को आए और कई चौंकाने वाले रुझान देखने को मिले.

  1. मध्य प्रदेश (230 सीटें): बीजेपी ने 163 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की. पहले शिवराज सिंह चौहान सीएम थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें हटाकर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया. यह ‘एंटी-इन्कम्बेंसी’ से बचने और युवा चेहरा देने की रणनीति थी. शिवराज चौहान लंबे समय से सत्ता में थे (चार बार), इसलिए पार्टी ने अगले 5 साल के लिए नई पीढ़ी का नेता देना चाहा.
  2. राजस्थान (199 सीटें): बीजेपी ने 115 सीटों के साथ कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. भजन लाल शर्मा पहली बार सीएम बने. पार्टी ने एक युवा, ब्राह्मण चेहरे को चुना. वसुंधरा राजे को नजरअंदाज करना पार्टी का एक बड़ा रणनीतिक कदम था ताकि वे राजे के खिलाफ किसी भी स्थानीय विरोध से बच सकें.
  3. छत्तीसगढ़ (90 सीटें): बीजेपी ने 54 सीटों के साथ कांग्रेस को हराया. विष्णु देव साय पहली बार सीएम बने. मौजूदा सीएम भूपेश बघेल (कांग्रेस) अपनी सीट पाटन से तो जीत गए, लेकिन उनकी सरकार हार गई. यहां बीजेपी ने रमन सिंह (पूर्व सीएम) को नजरअंदाज करते हुए विष्णु देव साय को चुना, जो आदिवासी समुदाय से आते हैं. छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोटरों की अहम भूमिका है, इसलिए यह जातीय समीकरण साधने की कोशिश थी.
  4. तेलंगाना (119 सीटें): कांग्रेस ने 64 सीटों के साथ के. चंद्रशेखर राव (KCR) की भारत राष्ट्र समिति (BRS) को हराया. कांग्रेस के रेवंत रेड्डी पहली बार मुख्यमंत्री बने. यह कांग्रेस के लिए ‘सांत्वना पुरस्कार’ जैसा था क्योंकि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हार गई थी.
  5. मिजोरम (40 सीटें): जोरम पीपुल्स मुवमेंट (ZPM) ने 27 सीटें जीतकर सरकार बनाई. लालदुहोमा पहली बार मुख्यमंत्री बने. पिछले सीएम जोरामथांगा (MNF) अपनी सीट आइजोल ईस्ट-1 से हार गए. यह एक बड़ा उलटफेर था. एंटी-इन्कम्बेंसी और विकास के मुद्दों पर जनता का गुस्सा साफ दिखा. लोगों ने 5 साल पुरानी MNF सरकार को बदलने का फैसला किया.

यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि एक ही चुनावी रात में तीन राज्यों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र) में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया, जबकि तेलंगाना में उसने जीत हासिल की. बीजेपी के लिए यह ऐतिहासिक जीत थी.

सवाल 4: 2024 में हुए चुनावों मे क्या-क्या बदल गया?

जवाब: 2024 में चुनावी सीजन साल के अंत में आया. महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव हुए.

  1. हरियाणा (90 सीटें): बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई. पहले मनोहर लाल खट्टर थे, लेकिन पार्टी ने चुनाव से पहले ही नयाब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बना दिया था और चुनाव जीतने के बाद भी वे ही सीएम बने रहे. मनोहर लाल खट्टर को हटाने के पीछे दो बड़ी वजहें थीं. पहली एंटी-इन्कम्बेंसी और दूसरी जातीय समीकरण.
  2. महाराष्ट्र (288 सीटें): महायुति गठबंधन (BJP, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की NCP) ने 235 सीटों के साथ जीत हासिल की. अकेले बीजेपी ने 132 सीटें जीतीं. देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार सीएम बने. यहां एक बहुत ही दिलचस्प उलटफेर हुआ. 2022 में एकनाथ शिंदे (शिवसेना) ने विद्रोह करके उद्धव ठाकरे की सरकार गिरा दी थी और फडणवीस को डिप्टी सीएम बनाकर खुद सीएम बन गए थे. लेकिन चुनावी नतीजों के बाद गठबंधन में बीजेपी की सीटें सबसे ज्यादा थीं, इसलिए देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया गया.
  3. झारखंड (81 सीटें): JMM के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन (JMM, कांग्रेस, RJD और Left) ने 56 सीटों के साथ सत्ता बचाई. हेमंत सोरेन (JMM) पहले भी सीएम थे. (जनवरी 2024 में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन सीएम बनीं थीं) फिर लौट आए. चुनाव ऐसे समय में हुआ जब हेमंत सोरेन जेल से बाहर आए और उन्होंने ‘आदिवासी अस्मिता बचाओ’ का नारा दिया. बीजेपी के खिलाफ क्षेत्रीय पहचान की लड़ाई में JMM को जनता का समर्थन मिला.
  4. ओडिशा (147 सीटें): बीजेपी ने 78 सीटें जीत कर पहली बार सरकार बनाई. मोहन चरण माझी पहली बार मुख्यमंत्री बने. 24 साल से सत्ता में चल रहे नवीन पटनायक (BJD) की सरकार गिर गई. एंटी-इन्कम्बेंसी, नौकरियों की कमी और वी.के. पांडियन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ ‘ओडिया अस्मिता’ का मुद्दा बीजेपी के लिए हथियार बना.
  5. आंध्र प्रदेश (175 सीटें): NDA गठबंधन (TDP, जनसेना और बीजेपी ने 164 सीटें जीतकर सरकार बनाई. TDP के एन. चंद्रबाबू नायडू चौथी बार मुख्यमंत्री बने. 2019 मे 151 सीटें जीतने वाले वाईएस जगन मोहन रेड्डी (YSRCP) को करारी हार मिली. बेरोजगारी, विंडिक्टिव राजनीति और लैंड टाइटलिंग एक्ट बड़े मुद्दे बने.

सवाल 5: 2025 में हुए बड़े चुनावों में क्या हुआ?
जवाब: 2025 में दिल्ली औऱ बिहार विधानसभा चुनाव हुए, जो बेहद अहम थे. नतीजे नवंबर 2025 में आए.

  1. बिहार (243 सीटें): NDA गठबंधन (JD(U), BJP, LJP (रामविलास), HAM(S) और RLM) ने 202 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की. नीतीश कुमार (जदयू) रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री बने. यह नीतीश कुमार का आखिरी कार्यकाल था. फिर फरवरी 2026 में उन्होंने सीएम पद छोड़कर राज्यसभा में जाने का ऐलान कर दिया. 15 अप्रैल 2026 को बीजेपी के सम्राट चौधरी बिहार के पहले बीजेपी के सीएम बने.
  2. दिल्ली (70 सीटें): बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई. इससे पहले बीजेपी ने 1998 में सरकार बनाई थी. रेखा गुप्ता पहली बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं. बीजेपी ने 2015 से दिल्ली पर शासन कर रही आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार गिरा दी. अरविंद केजरीवाल अपनी पारंपरिक नई दिल्ली सीट से चुनाव हार गए. पिछली सीएम आतिशी ने पद से इस्तीफा दे दिया.

सवाल 6: बीते 5 साल में चुनाव जीतने के बावजूद सीएम क्यों बदले गए?
जवाब: इस बदलाव की 5 बड़ी वजहें हैं:

  • एंटी-इन्कम्बेंसी: पुराना सीएम हटाकर उसी पार्टी का नया चेहरा दिया जाता है.
  • जातीय समीकरण: किसी खास जाति के वोट साधने के लिए उसी जाति का सीएम बनाया जाता है.
  • गठबंधन की राजनीति: गठबंधन में जिसकी सीटें ज्यादा, वही सीएम बनता है.
  • सत्ता पलट (विपक्ष आता है): चुनाव हारने के बाद पूरी सरकार बदल जाती है.
  • निजी असफलता के बाद भी बने रहना: सीएम अपनी सीट हार जाता है, लेकिन पार्टी उसे दूसरी सीट से जिता लाती है.

अब 2026 में 5 राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरलम, पुडुचेरी और असम) में चुनाव हुए हैं. आज बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के साथ चुनावी त्योहार खत्म हो जाएगा. इसके बाद सबकी निगाहें 4 मई 2026 पर टिक जाएंगी, जब इन पांच राज्यों के नतीजे आएंगे और तय करेंगे कि केरल में नया सीएम वाकई आता है या कोई और उलटफेर होता है.

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