एक्टर से नेता बने विजय थलपति को एक और बड़ा झटका लगा है. मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार (6 फरवरी) को उनकी याचिका खारिज कर दी. अभिनेता ने इनकम टैक्स विभाग के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन पर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था. जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया.
विजय थलपति पर क्यों लगा जुर्माना?
मामला 2015-16 फाइनेंशियल ईयर का है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्तीय वर्ष में साउथ एक्टर पर 15 करोड़ रुपये की इनकम का खुलासा नहीं करने को लेकर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, शो कॉज नोटिस इनकम टैक्स एक्ट की धारा 263 के तहत समय सीमा के अंदर जारी किया गया था. कोर्ट ने नोटिस जारी करने के तरीके में कोई खामी नहीं पाई. जिसके चलते अन्य बिंदुओं पर कोर्ट ने विचार नहीं किया.
विजय की ओर से तर्क दिया गया था कि इनकम टैक्स विभाग के अफसरों ने यह समझने में गलती की कि एक्ट की धारा 263 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले ही जुर्माना लगाने की समय सीमा खत्म हो चुकी थी. जबकि आयकर विभाग ने विजय की दलील का विरोध करते हुए कहा कि जुर्माना वैध रूप से लगाया गया था. कोर्ट ने हालांकि साउथ एक्टर को छूट दी है कि वह लिमिटेशन को छोड़कर बाकी आधार पर अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने इस आदेश और इनकम टैक्स विभाग के जारी नोटिस को चुनौती दे सकते हैं.
क्या है पूरा मामला?
सितंबर 2015 में अभिनेता विजय के घर पर इनकम टैक्स विभाग ने सर्च अभियान चलाया था, जिसके बाद यह जुर्माना लगाया गया. दिसंबर 2017 में असेसमेंट ऑर्डर पास होने के बाद दिसंबर 2018 में धारा 271AAB (1) के तहत पेनाल्टी की प्रोसेस को शुरू किया था. उन्होंने जुर्माने के आदेश के खिलाफ 2022 में हाईकोर्ट का रुख किया था. पिछले महीने ही उनकी याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. जिसे शुक्रवार (फरवरी) को सुनाया गया.