- भाजपा ने ममता बनर्जी की टीएमसी को हराकर बंगाल में जीत दर्ज की।
- ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों पर धक्का देने और मारपीट का आरोप लगाया।
- टीएमसी ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता की कमी और देरी का आरोप लगाया।
- टीएमसी ने दावा किया कि उनके कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।
Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत हुई है. बीजेपी मुख्ममंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 125 सीटों से मात देते हुए बंगाल में प्रचंड जीत हासिल की है. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (4 मई, 2026) को बंगाल चुनाव के लिए सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है. उन्होंने एबीपी न्यूज से बातचीत करते हुए कहा कि आप केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को देख सकते हैं. उन्होंने मुझे धक्का दिया और मारा.
सीएपीएफ को लेकर क्या बोलीं ममता बनर्जी?
दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार ममता बनर्जी सोमवार (4 मई, 2026) को विधानसभा क्षेत्र के सखावत मेमोरियल काउंटिंग हॉल पहुंची. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय बलों ने मुझे भी अंदर जाने नहीं दिया गया. यह पक्षपाती है. आप CRPF को देख सकते हैं. उन्होंने मुझे धक्का दिया और मारा. CRPF के ठीक सामने. उन्होंने हर जगह गुंडे लगाए हैं. मैं उम्मीदवार हूं, फिर भी उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया.’
उन्होंने कहा, ‘भाजपा दानवों की पार्टी है, उसने 100 से ज्यादा सीटें लूटीं और धोखा दिया. इलेक्शन कमीशन BJP का कमीशन है. मैंने CEO मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं. क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं. इलेक्शन कमीशन ने सेंट्रल फोर्स, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है. यह लूट, लूट और सिर्फ लूट है. हम वापसी करेंगे.’
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप
बंगाल चुनाव के रिजल्ट को लेकर टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया. टीएमसी ने कहा, चुनाव आयोग ने निष्पक्षता का दिखावा भी पूरी तरह से त्याग दिया है. मतगणना प्रक्रिया में जानबूझकर देरी और उसे लंबा खींचने के बाद, अब यह उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर रहा है जहां जीत स्पष्ट है– डायमंड हार्बर, मगराहट पुरबा, मगराहट पश्चिम, कुलपी, रायदीघी, पत्थरप्रतिमा, बसंती, बर्धमान उत्तर और सीताई.
इससे पहले लोगों का एक ग्रुप पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के पास पहुंच गया और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, जिसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई. चुनाव अधिकारी ने कहा था, ‘हमें सूचना मिली कि कुछ लोग ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास और राज्य सचिवालय पहुंचे और नारे लगाए, जिसके बाद वहां केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है. हम कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं चाहते.’ उन्होंने कहा, ‘हम कोई जोखिम नहीं लेंगे और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यालय में तोड़फोड़ की गई है. तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि चुनाव रुझान स्पष्ट होने के कुछ घंटों बाद दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर, कूच बिहार के तूफानगंज और उत्तर 24 परगना के पानिहाटी स्थित उसके कार्यालयों के बाहर “उपद्रवी” जमा हो गए और वहां तोड़फोड़ की। बरुईपुर में स्थानीय तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने पार्टी कार्यालय में लगे फ्लेक्स बोर्ड और बैनर फाड़ दिए गए तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें जमीन पर फेंक दीं