गंगा एक्सप्रेसवे: आर्थिक पुनर्जागरण की जीवंत रेखा
गंगा की धारा जब किसी पत्थर से टकराती है, तो वह उसे काटती नहीं, बल्कि उसे घिसते-घिसते अपने रास्ते की शक्ल में ढाल लेती है. उत्तर प्रदेश की नियति भी कुछ ऐसी ही रही है . इस भूमि ने सभ्यताएं जन्मी हैं, क्रांतियां बोई हैं, फिर भी एक दशक पहले तक एक विडंबना इसके माथे … Read more