Bhairav Battalion: भारतीय सेना ने अमिताभ बच्चन की आवाज में बनी शॉर्ट फिल्म भैरव रिलीज की है. इस फिल्म में भैरव बटालियन और देश की सुरक्षा में उसकी भूमिका को दिखाया गया है. भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय के आधिकारिक हैंडल पर आभार जताते हुए लिखा कि फिल्म के लिए अपनी खास आवाज देने पर अमिताभ बच्चन के प्रति हम दिल से कृतज्ञ हैं.
महाशिवरात्रि पर हुआ बटालियन का शुभारंभ
भैरव बटालियन का शुभारंभ महाशिवरात्रि के मौके पर किया गया. यह दिन खास तौर पर चुना गया क्योंकि भैरव को भगवान शिव का उग्र रूप माना जाता है, जो रक्षा और बुराई के नाश से जुड़ा है. भैरव बटालियन पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना इकाइयों के बीच की एक खास कड़ी है. इसका गठन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि दुश्मनों के खतरे के खिलाफ तेजी और सटीकता से कार्रवाई की जा सके.
अमिताभ बच्चन ने बताया सम्मान
सेना के हालिया पुनर्गठन के तहत इस इकाई का गठन किया गया है. इसमें ऑपरेशन सिंदूर समेत वैश्विक संघर्षों से मिले अनुभवों को भी शामिल किया गया है. सोशल मीडिया मंच एक्स पर अमिताभ बच्चन ने इसे अपने लिए सम्मान और सौभाग्य की बात बताया. उन्होंने लिखा कि सेना के बहादुर योद्धाओं के लिए भैरव से जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है.
भैरव – नाम नहीं, पहचान
भैरव – नाम नहीं, परिणामWith profound gratitude to Shri Amitabh Bachchan for lending his iconic voice for the film.@SrBachchan pic.twitter.com/bKCApx2kZH
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) February 15, 2026
आधुनिक युद्ध के लिए तैयार
भारतीय सेना की यह नई विशेष इकाई आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार की जा रही है. इसके सभी जवान ड्रोन उड़ाने में माहिर हैं और दुश्मन के इलाके में मौजूद ठिकानों और सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाने में सक्षम हैं.
अब तक 15 बटालियन का गठन
सेना मुख्यालय ने वैश्विक और देश के भीतर हुए संघर्षों से सीख लेकर भैरव बटालियन का गठन किया है. इनका मकसद तेजी से आक्रामक अभियान चलाने के लिए एक समर्पित बल तैयार करना है. भारतीय सेना अब तक करीब 15 बटालियन बना चुकी है, जिन्हें दोनों सीमाओं पर अलग अलग सैन्य टुकड़ियों में तैनात किया गया है. आने वाले समय में कुल 25 बटालियन बनाने की योजना है. भैरव बटालियन अर्ध विशेष बलों और नियमित पैदल सेना के बीच की दूरी को भी कम करेगी. इन्हें सामरिक से लेकर परिचालन स्तर तक विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी.