तमिलनाडु में मुफ्त बिजली योजना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा- ‘देश में हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे…’

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की मुफ्त बिजली योजना पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TANGEDCO) की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कई अहम सवाल उठाए और पूरे देश में फैल रही ‘मुफ्त सुविधाओं’ की संस्कृति पर चिंता जताई है.

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को दी सख्त समझाइश

19 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘देश में हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं? जो लोग बिजली का बिल चुकाने में असमर्थ हैं, उनके लिए कल्याणकारी योजना होनी चाहिए. सबको मुफ्त सुविधा क्यों?’ जस्टिस खन्ना ने आगे कहा कि हर राज्य में ऐसी प्रवृत्ति बढ़ रही है और कोर्ट इस पर बहुत चिंतित है. बेंच ने तमिलनाडु सरकार से सवाल किया कि अगर राज्य के पास इतना पैसा है, तो उसे बुनियादी ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों के विकास में क्यों नहीं लगाया जा रहा? कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि चुनाव के समय सामान बांटने के बजाय राज्यों को अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए. राज्य का कर्तव्य रोजगार के अवसर पैदा करना है.

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