- कब्ज़ा किए गए जहाज का नाम अभी अज्ञात है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार कई घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. इसी बीच ओमान के तट पर बुधवार (13 मई, 2026) को एक भारतीय झंडे वाले जहाज को ड्रोन हमला कर डुबा दिया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत के समुद्री जहाजों पर ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इस घटना को घटे अभी 24 घंटे भी पूरी नहीं हुए कि समंदर में एक और जहाज के साथ घटना की खबर सामने आ गई है.
कब्जा किए गए जहाज के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं
दरअसल, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने गुरुवार (14 मई, 2026) को कहा कि उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह बंदरगाह से 38 नॉटिकल मील (करीब 70 किलोमीटर) दूर उत्तर-पूर्व दिशा में एक समुद्री जहाज पर कब्जे की सूचना मिली है.
ब्रिटिश एजेंसी ने कहा कि जहाज के नाम को लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास समंदर में लंगर डाले खड़ा था, जिस पर कुछ अनधिकृत लोगों ने कब्जा कर लिया है और अब उसे ईरान के समंदर की तरफ लेकर जाया जा रहा है.
यह भी पढे़ंः ‘कमजोर इरादे, संवाद की कमी और…’, असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस क्यों हारी? एक्सपर्ट ने बताई बड़ी वजह
भारतीय जहाज पर ड्रोन हमले के बाद MEA ने क्या कहा?
गुजरात के कार्गो जहाज हाजी अली पर बुधवार (13 मई, 2026) को तड़के करीब 3:30 बजे उस वक्त ड्रोन हमला किया गया, जब जहाज ओमान के उत्तरी तट के नजदीक लीमा क्षेत्र से गुजर रहा था. जहाज पर हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और जहाज समुद्र में डुब गया.
इस घटना से नाराज भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (14 मई, 2026) को इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम इस बात की भी कड़ी निंदा करते हैं कि कमर्शियल और आम जहाजों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है.’ उन्होंने कहा कि जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का आधार जताते हैं.