’10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे…’, फाल्टा के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग को लेकर भड़के अभिषेक बनर्जी

पश्चिम बंगाल में अब नया राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है. चुनाव आयोग ने 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया है. सभी सहायक मतदान केंद्रों पर भी नए सिरे से वोट डाले जाएंगे. चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाए और मतगणना 24 मई को होगी. पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, वहीं फाल्टा को इस घोषणा से अलग रखा जाएगा.

चुनाव आयोग ने क्यों लिया ये फैसला?

29 अप्रैल को मतदान के दौरान हुई चुनावी झड़प और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर स्टिकर चिपकाने के मामले को लेकर चुनाव आयोग ने ये फैसला लिया है. इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस शुरू कर दी है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने बंगाल की ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल ध्वस्त हो चुका है. 

भड़के अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?

अमित मालवीय के बयान को लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के रिकॉर्ड का बचाव करते हुए बीजेपी को सीधी चुनौती दी. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा, खासकर बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह. उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करने के लिए 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे. 

राहुल गांधी के खिलाफ चल रहा मुकदमा, 11 मई को सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई, जानें क्या है मामला

अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी नेताओं को फाल्टा से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे अपना सब कुछ दांव पर लगाकर देख लें और अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारें.

बता दें कि फाल्टा विधानसभा डायमंड हार्बर क्षेत्र में आती है, जो टीएमसी के लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है. इसलिए पुनर्मतदान के आदेश ने राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी को और बढ़ा दिया है. ऐसे में अब सभी की निगाहें फाल्टा पर टिकी हैं कि दोबारा होने जा रहे मतदान में वोटर किसको विजयी बनाते हैं. 

ये भी पढ़ें 

चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त

Leave a Comment