उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां एक बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम अपनी पहचान छुपाकर फर्जी दस्तावेज के सहारे रानी बनकर रह रही थी. जानकारी के मुताबिक महिला बांग्लादेश के नारायणगंज के मुजिबुल में रहने वाली महमूदा बेगम 2021 में भारत पहुंची और उसने यहां हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित गांव दौताई में शरण ली.
बताया जा रहा है कि इसी दौरान बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम ने अपनी पहचान को बदलते हुए अपने नाम को रानी कर लिया और हापुड़ के ही मोहल्ला कुरैशी वाला में रहने वाले मोहम्मद मसरूफ पुत्र इंशाल्लाह से 2021 में नई दिल्ली में निकाह कर लिया. इसके बाद से महिला पूरी तरह से यहीं रहने लगी.
केंद्रीय एजेंसियों को बांग्लादेशी महिला की मिली जानकारी
जानकारी के अनुसार 23 फरवरी 2026 को जब केंद्रीय एजेंसियों को इसकी जानकारी हुई तो केंद्रीय एजेंसियों ने जांच पड़ताल करनी शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि दौताई के ग्राम प्रधान राशिद अली ने महमूदा बेगम के फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने में मदद की. फिलहाल अब यह मामला सामने आने के बाद मोहम्मद मसरूफ और महमूदा बेगम उर्फ रानी दोनों गांव से बाहर बताए जा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम उर्फ रानी और उसके पति मोहम्मद मसरूफ की तलाश में जुटे हुए हैं.
किस धारा के तहत हो सकती है कार्रवाई
अगर जांच में अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेज और पहचान छिपाने के आरोप साबित होते हैं तो विदेशी अधिनियम (Foreigners Act), पासपोर्ट अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है.
भारत में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज
द हिंदू अखबार ने एक रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी देश बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद भारत ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2024 के बीच भारत के पूर्वी सीमा क्षेत्र से बिना वैध दस्तावेजों के 337 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जो भारत छोड़कर वापस जा रहे थे. हालांकि, अगस्त 2024 से 21 मार्च 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 906 हो गई.