BRICS Summit 2026: एक साल में रूस के राष्ट्रपति पुतिन का दूसरा भारत दौरा, ब्रिक्स समिट में शिरकत पर क्रेमलिन की मुहर

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ‘रिजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन’ पर केंद्रित होगा।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. रूसी न्यूज एजेंसी TASS ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से यह जानकारी साझा की है. पेसकोव ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स समिट में निश्चित रूप से भाग लेंगे. हालांकि, भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की निश्चित तारीख और शेड्यूल अभी तक तय नहीं किए गए हैं, लेकिन राष्ट्रपति पुतिन ने पहले ही भारत यात्रा करने की पुष्टि कर दी है.

इस साल भारत की अध्यक्षता में होगा ब्रिक्स समिट

पिछले साल 6-7 जुलाई, 2025 को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इस साल इस समिट की अध्यक्षता भारत के हाथों में है. भारत में होने वाले ब्रिक्स समिट ‘रिजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी के निर्माण’ के विषय पर आधारित होगी. यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 2025 के रियो शिखर सम्मेलन में पेश किए गए ‘पीपल-सेंट्रिक एंड ह्यूमनिटी-फर्स्ट’ के नजरिए को दर्शाता है.

इससे पहले भारत ने 9 सितंबर, 2021 को 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसका विषय ‘ब्रिक्स@15: निरंरतता, सुदृढ़ीकरण और सहमति के लिए आतंरिक सहयोग’ था.

एक साल में पुतिन की दूसरी भारत यात्रा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यह भारत यात्रा एक साल के अंदर उनकी दूसरी यात्रा होगी. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति दिसंबर, 2025 के पहले हफ्ते में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए थे.

पुतिन की पिछली यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को औज मजबूत करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी. भारत और रूस के बीच पोर्ट और शिपिंग सेक्टर में सहयोग के लिए एक MoU पर साइन भी किए गए थे. साथ ही, दोनों देशों ने स्टेबल और एफिशिएंट ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के निर्माण में सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई थी.

यह भी पढ़ेंः परिसीमन पर सियासी घमासान: नॉर्थ vs साउथ विवाद तेज, महिला आरक्षण के बीच बढ़ा तनाव, समझें पूरा गणित

Leave a Comment