Opposition Reaction on PM Narendra Modi Gold Appeal: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी नजर आने लगा है. इसका असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है. रविवार को हैदराबाद में पीएम मोदी ने देश से अपील की थी, कि वह कोरोना काल के समय अपनाई गई लाइफस्टाइल पर फोकस करें. साथ ही अपील की थी कि अगले एक साल तक सोना न खरीदें.
इसके अलावा पीएम मोदी ने सोमवार को गुजरात में भी इसी तरह की अपील की है. उन्होंने देशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जबतक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तबतक लोगों को छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए. इस बार भी पीएम मोदी ने पेट्रोल डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही है. साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास चलाने का आग्रह किया है.
पीएम मोदी की इस अपील से विपक्ष आग बबूला नजर आ रहा है. उनके बयान पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री से देश नहीं संभल रहा.
(आइए जानते हैं, विपक्षी नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी है?)
राहुल ने कहा- देश चलाना कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री के बस की बात नहीं
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं. 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है, क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए. हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें. देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं.’
अखिलेश यादव बोले- चुनाव खत्म होते ही संकट याद आया
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमों अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही, संकट याद आ गया! दरअसल देश के लिए संकट सिर्फ एक है और उसका नाम है भाजपा. इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है. डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है.
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अखिलेश यादव ने कहा कि सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है. भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं. हमारी बात गलत लग रही हो तो लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक पता कर लीजिए या अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी तक.
दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने क्या कहा है?
अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स पोस्ट पर कहा है कि पीएम ने देश के सभी नागरिकों को खाने-पीने में कटौती करने की सलाह दी है, घूमने-फिरने और विदेश यात्राओं में कटौती करने की सलाह दी है, तथा सोना और अन्य कीमती चीज़ें खरीदने में भी कटौती करने की सलाह दी है. क्या यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है? क्या देश भारी आर्थिक संकट में फंस गया है? ऐसा तो देश में पहले कभी नहीं हुआ. प्रधानमंत्री जी को देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए. आखिर देश की असली आर्थिक हालत क्या है?
पीएम मोदी पर डीएमके ने भी साधा निशाना
डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नागरिकों से ये मांगें क्यों कर रहे हैं. क्या पीएम को यह जानकारी है कि हालात और खराब होने वाले हैं. चुनाव से पहले तक प्रधानमंत्री अपने जेट विमान से पूरे देश का दौरा कर रहे थे, उनके काफिले चल रहे थे. डीएमके नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस देश को समझाना होगा कि वे ऐसी मांग क्यों कर रहे हैं. वे कहते हैं विदेश यात्राएं बंद करें, लेकिन 15 मई को वे खुद UAE, नीदरलैंड और स्वीडन जाने वाले हैं, आखिर किसलिए?’
टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा बोली- खुद जनता के पैसों पर..
टीएमसी ने नेता महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री नागरिकों से विदेश यात्रा कम करने, सोना न खरीदने, तेल और ईंधन की खपत घटाने की बात कर रहे हैं, जबकि सरकार पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा से बच रही है. प्रधानमंत्री के काफिले में 100 गाड़ियां चलती हैं और बीजेपी के हर चुनाव प्रचार में दर्जनों हेलिकॉप्टर इस्तेमाल होते हैं. सरकार विफल रही है, अब जिम्मेदारी जनता पर मत डालिए.
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