अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद… ब्रिक्स बैठक में इजरायल-यूएस पर भड़के ईरान के विदेश मंत्री, बोले- नहीं झुकने वाले

BRICS Summit: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि ईरान “अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद” का शिकार है और ब्रिक्स देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन को लेकर अमेरिका और इजराइल की “स्पष्ट रूप से निंदा” करनी चाहिए. उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही, जिसकी अध्यक्षता एस. जयशंकर ने की. इसमें रूस-ब्राजील समेत अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया.

ईरान बोला- झुकने वाला नहीं

अराघची ने कहा कि ईरान, कई अन्य स्वतंत्र देशों की तरह, बाहरी दबाव और आक्रामक नीतियों का सामना कर रहा है, लेकिन वह किसी भी धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है. उन्होंने दोहराया कि ईरान से जुड़े किसी भी विवाद का सैन्य समाधान संभव नहीं है और उनका देश सम्मानजनक संवाद का पक्षधर है.

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही ईरान की सशस्त्र सेनाएं अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन ईरानी जनता शांति चाहती है और खुद को इस संघर्ष में आक्रमणकारी नहीं, बल्कि पीड़ित मानती है.

ईरान और यूएई के बीच तीखी बहस

सम्मेलन के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों के बीच कथित तौर पर तीखी बहस भी हुई, जिसे सर्गेई लावरोव ने शांत कराया. इस बैठक में ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद भी सामने आए, जिसके कारण कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका. पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे आर्थिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं.

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों के शीर्ष राजनयिकों से मुलाकात की, जहां विदेश मंत्रियों के महत्वपूर्ण सम्मेलन की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में सर्गेई लावरोव, अब्बास अराघची, माउरो विएरा, सुगिओनो और रोनाल्ड लामोला शामिल थे. यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान पैदा हुआ है और वैश्विक आर्थिक प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

भारत, जो इस समय समूह की अध्यक्षता कर रहा है, ने सितंबर में होने वाले ब्रिक्स वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले इस दो दिवसीय विदेश मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की है. ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी, लेकिन वर्ष 2024 में इसका विस्तार करते हुए मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को भी इसमें शामिल किया गया. इसके बाद वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बन गया.

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