- भारत ने 2047 तक ड्रग फ्री इंडिया का लक्ष्य निर्धारित किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि ड्रग्स की तस्करी सिर्फ कानून-व्यवस्था का एक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक गंभीर खतरा भी है. उन्होंने कहा कि नशे की लत इंसान के शरीर को स्थायी नुकसान पहुंचाती है, जबकि ड्रग्स से होने वाली कमाई आतंकवादी नेटवर्क, आपराधिक संगठनों और एक समानांतर अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है.
ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए क्या बोले अमित शाह?
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को अपने आरएन काओ मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नारकोटिक्सः ए बॉर्डरलेस थ्रेट, ए कलेक्टिव रिपॉन्सिबिलिटी’ विषय पर संबोधन दिया. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर दुनिया के देश ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभी एकजुट होकर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो अगले 10 सालों में ड्रग्स से होने वाला नुकसान अपूरणीय हो सकता है.’
यह भी पढ़ेंः चुनाव के बाद ईंधन के दाम बढ़े, तो भड़के तमिलनाडु के CM विजय, सत्ता में आने के बाद केंद्र पर पहला हमला, रखी ये डिमांड
हर देश के अलग नीतियों का फायदा उठाते हैं तस्कर- शाह
अमित शाह ने ड्रग्स समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचे की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अलग परिभाषा और अलग-अलग सजा के कारण ड्रग कार्टेल पॉलिसिज की खामियों का फायदा उठाते हैं.
इस दौरान उन्होंने रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे नशीले पदार्थों के शिपमेंट्स को रोकने और ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार करने में मदद मिलती है. शाह ने कहा कि पिछले दो सालों में भारत ने मित्र देशों के सहयोग से 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को वापस लाने में सफलता हासिल की है.
अलग-अलग कोशिशों से ड्रग्स का रोकथाम संभव नहीं- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम में मौजूद 40 से ज्यादा देशों के राजदूतों और राजनयिकों को संबोधित करते हुए वैश्विक स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ भारत के अभियान में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि 8 अरब की आबादी, 195 देशों और 2.5 लाख किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं वाली दुनिया में अलग-अलग कोशिशों से इस वक्त का समाधान संभव नहीं है.
उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को जियो-पॉलिटिकल मतभेदों से ऊपर उठकर लड़ना होगा. इसके लिए एक जैसा कानून, एक जैसी सजा, ड्रग माफियाओं का प्रत्यर्पण और मजबूत खुफिया सहयोग बेहद जरूरी है.
2047 तक ड्रग फ्री इंडिया का भारत ने तय किया लक्ष्य- शाह
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक ड्रग फ्री इंडिया का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग सिंडिकेट्स को खत्म करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है. उन्होंने दोहराया कि भारत की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत न तो एक ग्राम ड्रग्स देश में घुसने दिया जाएगा और न ही भारत को नशीले पदार्थों के ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल होने दिया जाएगा.