‘तेलंगाना से खरीदें 30 लाख MT उबले चावल और 1,468.94 करोड़ का बकाया करें जारी’, CM रेवंत रेड्डी की केंद्र से मांग

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  • पोषण के लिए बच्चों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण बहाल हो

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने केंद्रीय खाद्य और जन वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात कर राज्य के किसानों और आपूर्ति विभाग के लिए कुछ अहम मांगें उठाई हैं. उन्होंने केंद्र से यासंगी (रबी) सीजन के दौरान तेलंगाना से 30 लाख मीट्रिक टन उबले चावल (बॉयल्ड राइस) की खरीद करने का आग्रह किया.

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के आवास पर शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्तमान यासंगी सीजन में राज्य में लगभग 90 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो उबले चावल बनाने के लिए बेहद उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार 5 फीसदी टूटे चावल के साथ 30 लाख मीट्रिक टन उबले चावल और 10 फीसदी टूटे चावल के साथ 5 लाख मीट्रिक टन कच्चे चावल की आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार है.

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उबले चावल के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री ने पिछले 6 यासंगी सीजन के दौरान कस्टम मिलिंग राइस (CMR) और उबले चावल की आपूर्ति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए. उन्होंने याद दिलाया कि देशभर में बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों ने खुद उबले चावल की आपूर्ति बढ़ाने की सिफारिश की थी. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस सकारात्मक प्रस्ताव पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी.

राज्य के नागरिक आपूर्ति विभाग पर बढ़ रहा वित्तीय बोझः रेड्डी

इसके अलावा, वित्तीय संकट को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने 2014-15 के खरीफ सीजन के अतिरिक्त लेवी से जुड़े 1,468.94 करोड़ रुपये के बकाये को तुरंत जारी करने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि तेलंगाना धान उत्पादन करने वाला देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां किसानों को खरीद के मात्र 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाता है. ऐसे में राज्य के नागरिक आपूर्ति विभाग पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए इस राशि का शीघ्र जारी होना अत्यंत आवश्यक है.

एनीमिया और कुपोषण से बचाव के लिए वितरित किया जाता था ये चावल

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स’ (FRK) के वितरण को तुरंत बहाल करने की भी मांग उठाई. यह चावल स्कूलों, हॉस्टलों और आईसीडीएस (ICDS) केंद्रों में बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) और कुपोषण से बचाव के लिए वितरित किया जाता था, जिसे हाल के दिनों में अचानक बंद कर दिया गया था. इस महत्वपूर्ण मुलाकात में दिल्ली में तेलंगाना सरकार के विशेष प्रतिनिधि ए. पी. जितेंदर रेड्डी, सचिव (समन्वय) अद्वित सिंह सहित खाद्य और जन वितरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.

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