Kapil Sibal Reaction: दिल्ली के राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील ने आप के राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को लेकर बयान दिया है. शुक्रवार को आप पार्टी के राघव चड्डा समेत दस में सात सदस्यों ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया.
अब इस पूरे राजनीतिक ड्रामे पर सिब्बल ने कहा कि अभी अभी आपने एक बहुत ही दिलचस्प खबर सुनी. राज्यसभा में आप के दस में सात सदस्यों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. अब मुझे लगता है कि शायद न तो बीजेपी को और न ही इन सात लोगों को संविधान की ज्यादा समझ है. शायद उन्हें यह भी नहीं पता कि विलय का असल मतलब क्या होता है.
सिब्बल ने कहा कि उन्हें बस इतना पता लगता है कि लोगों को कैसे खरीदा जाए. लोगों को कैसे रिश्वत दी जाए. मुझे नहीं लगता कि वे बीजेपी या जो लोग इस बात से सहमत हैं, उनमें से कोई भी इसे सच में समझता है.
क्या हुआ था शुक्रवार को ?
दरअसल, आप पार्टी को बड़ा झटका लगा था. जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संदीप पाठक समेत 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया. ऐसे में आप का राजनीतिक भविष्य पर गहरे सवाल उठ गए.
पार्टी छोड़ने वाले सांसदों में राघव चड्ढा के साथ-साथ संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल का नाम शामिल है. हालांकि इनमें से राघव-संदीप पाठक समेत चार सांसद ही बीजेपी में शामिल हुए हैं.
क्या राज्यसभा में खत्म हो गई आप की हिस्सेदारी?
पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद थे. यह उसे राष्ट्रीय राजनीति में मजबूती प्रदान करते थे. अब 7 सांसदों के जाने के बाद पार्टी के पास सिर्फ 3 सांसद बचे हैं. ऐसे में संसद के ऊपरी सदन में आप की मौजूदगी कमजोर हुई है. ऐसे में सदन में बनने वाले कानून पर पार्टी अपना प्रभाव डालने में कमजोर हो जाएगी. साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी की पकड़ पर असर पड़ेगा.
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