39 साल पहले दूरदर्शन पर प्रसारित हुए रामानंद सागर के रामायण में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया को राम और सीता की भूमिका में देखा गया था. वहीं, कुछ और कलाकार ऐसे थे, जिनकी किस्मत रामानंद सागर ने बदल दी.उन्हीं में से एक थे संजय जोग जिन्होंने रामायण में राम के भाई भरत की भूमिका निभाई थी.
लेकिन, दुख की बात ये है कि संजय जोग अब इस दुनिया में नहीं हैं.रामायण में संजय जोग ने जब एंट्री मारी थी, तब वो सबकी नजरों में छा गए. उन्होंने अपनी एक्टिंग से किरदार में ऐसी जान डाली कि लोग उनके मुरीद हो गए. बेशक संजय जोन ने अपनी एक्टिंग से इस कैरेक्टर को अमर बना दिया हो, लेकिन उनकी मौत काफी दर्दनाक तरीके से हुई.
फिल्म के फ्लॉप होने से डिप्रेशन में चले गए थे संजय जोग
आपको बता दें संजय जोग शुरू से एक्टर नहीं थे, बल्कि वो एक किसान थे और खेती किया करते थे. जब वो एक्टिंग करने लगे उसके बाद भी खेती किया करते थे. संजय जो का जन्म 24 सितंबर को 1955 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था. उन्होंने 10वीं तक की पढा़ई नागपुर से की.
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उसके बाद मुंबई आकर आगे की पढ़ाई करने लगे. उन्हें एक्टिंग में दिलचस्पी थी, इसलिए कॉलेज के बाद फिल्मालय स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया. उन्हें उसके बाद पहली मराठी फिल्म सपला मिली, जो बुरी तरह से फ्लॉप हो गई.फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वो डिप्रेशन में चले गए और होमटाउन जाकर खेती करने लगे.
हालांकि, किसी काम से फिर मुंबई आए और उन्हें मल्टी स्टारर मराठी फिल्म मिल गई. उसके बाद उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. इसी दौरान उन्हें रामायण भी मिली. एक्टिंग करते हुए उन्होंने खेती जारी रखी. लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. 27 नंवबर 1995 में संजय जोग ने लिवर की बीमारी की वजह से दुनिया को अलविदा कह दिया.
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