ऐक्ट्रेस संगीता घोष ने मदर्स डे से पहले अपनी बेटी देवी को लेकर बेहद भावुक बातें साझा की हैं. मां की भूमिका और जिम्मेदारी पर बात करते हुए संगीता ने बताया कि अपनी बेटी को पहली बार गोद में लेने का पल उनके जीवन का सबसे खास और बदल देने वाले अनुभव से भरा था.
मां बनने पर बदल गई जिंदगी
संगीता ने कहा, “अपनी बेटी देवी को पहली बार गोद में लेने से मेरे अंदर कुछ हमेशा के लिए बदल गया. मुझे नहीं लगता कि मैं इसे शब्दों में पूरी तरह बयां कर पाऊंगी. यह एक ऐसा पल होता है कि आप अचानक हर उस मां की भावनाओं को समझने लगती हैं, जो अपने बच्चे के लिए बेहद खास और बच्चे उसके लिए खास होते हैं.”
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टीवी शो ‘तू जूलियट जट्ट दी’ के साथ अनुभव
उन्होंने आगे बताया कि मां बनने के बाद शो में मां का किरदार निभाने का उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया है. टीवी शो ‘तू जूलियट जट्ट दी’ में गुलाब का किरदार निभा रही ऐक्ट्रेस ने बताया, “गुलाब एक बहुत ज्यादा सुरक्षा करने वाली मां है. वह अपने बेटे नवाब को लेकर हमेशा चिंतित रहती है. शो में दिखाया गया है कि बच्चे की रक्षा करना और उसे आजादी देना इन दोनों के बीच की पतली लकीर कितनी नाजुक होती है. खुद मां होने के नाते मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझती हूं.”
बच्चों को आजादी देने वाली मांओं को सलाम
संगीता ने इस मदर्स डे पर सभी उन माताओं को सलाम किया, जो अपने बच्चे को प्यार देते हुए भी उसे आजादी देने की हिम्मत रखती हैं. उन्होंने कहा कि यही सबसे साहसी और सच्चा प्यार है.
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मेरी मां की मेहनत समझ आई
मदर्स डे के मौके पर (10 मई) पर ऐक्ट्रेस स्नेहा वाघ ने कहा, “बड़े होते हुए मुझे समझ नहीं आता था कि मेरी मां घर संभालने का काम कितनी आसानी से करती हैं. जब मैंने खुद काम करना और घर से बाहर रहना शुरू किया तब जाकर उनकी मेहनत समझ आई.”
स्नेहा ने बताया कि उनकी मां से सीखे हर मूल्य आज भी उनके साथ हैं. शो में विद्या का किरदार निभाते हुए उन्हें अपनी मां की याद बहुत आती है.