Raghav Chadha News: देखते रहे केजरीवाल, लुट गई पार्टी, BJP में जाएंगे 7 सांसद, ये हैं टूट की 5 वजह

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दो अन्य सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी AAP से अलग हो गए हैं. इसके साथ ही, तीनों नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की है. यह आम आदमी पार्टी में अब तक की सबसे बड़ी टूट है. राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने बताया कि आप से उनका मोहभंग क्यों हुआ.

पहला कारण: AAP सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के फैसले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई हैं. उन्होंने कहा कि जिस आप को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा, वह अपने मार्ग से भटक गई है. अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है. AAP की स्थापना से लेकर हर बड़े मौकों पर राघव चड्ढा अक्सर अरविंद केजरीवाल के साथ नजर आते थे.

दूसरा कारण: राघव चड्ढा के अनुसार पार्टी अब मेहनती कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने लगी है. उन्होंने कहा, मैंने पार्टी को दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में विस्तार देने के लिए सभी नेताओं ने मिलकर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. मैं आप से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं. बीजेपी में शामिल होने के फैसले पर चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की. 

तीसरा कारण: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, ‘पिछले 12 सालों में केंद्र सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन फैसलों को लेने से पहले कई नेता डरते थे. जनता ने इस नेतृत्व पर तीन बार मुहर लगाई है और अब हम भी उसी नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे. राघव चड्ढा ने आगे कहा कि राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और दो-तिहाई से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं. उन्होंने पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं, और आज सुबह हमने सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें हस्ताक्षरित पत्र और अन्य औपचारिक कागजात शामिल हैं, राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं. 

चौथा कारण: राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं. इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है. संदीप पाठक ने कहा, ‘मैंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय भी आएगा, लेकिन आज वह स्थिति सामने है. आज मैं आम आदमी पार्टी से अपने सभी रिश्ते समाप्त करने की घोषणा करता हूं.’

पांचवां कारण: पिछले कुछ महीनों से जिस तरह से राघव चड्ढा को पार्टी में अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी, उससे साफ हो गया था कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को ‘जोर का झटका, बहुत जोर से लगना’ तय है. फिलहाल वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और इस पद पर वे अप्रैल 2022 से हैं. हालांकि, पिछले दिनों उन्हें पार्टी की तरफ से राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया था. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि राघव चड्ढा जल्द ही अपनी राजनीतिक सफर में नए रास्ते तलाश सकते हैं.

राघव चड्ढा सहित ये सांसद BJP में शामिल होंगे

AAP छोड़ने वाले सात सांसद ये हैं- राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी. 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहयोग किया. टीवी पर वह पार्टी और संगठन का पक्ष रखते रहे और जल्द ही वह पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए.राघव चड्ढा भारतीय राजनीतिक दलों में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने. 

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