केंद्रीय कपड़ा मंत्री और BJP नेता गिरिराज सिंह ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि असदुद्दीन ओवैसी आज नहीं तो कल यह मान लेंगे कि वह हिंदू हैं. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
गिरिराज सिंह का यह बयान धार्मिक पहचान और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा माना जा रहा है. उनके इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, NEET पेपर लीक और बिहार के विकास जैसे बड़े मुद्दों पर बात करने के बजाय नेताओं की तरफ से सांप्रदायिक बयान क्यों दिए जा रहे हैं.
आज नहीं तो कल, ओवैसी भी यह स्वीकार करेंगे कि वे हिंदू हैं.
— Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) May 16, 2026
ये भी पढ़ें: भविष्य की तकनीक के लिए बड़ी डील: भारत-नीदरलैंड्स के बीच सेमीकंडक्टर को लेकर हुआ ऐतिहासिक समझौता
असदुद्दीन ओवैसी का पलटवार
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने BJP नेता और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें गिरिराज सिंह ने कहा था कि ओवैसी आज नहीं तो कल मान लेंगे कि वह हिंदू हैं. ओवैसी ने इस बयान पर सीधे प्रतिक्रिया देने के बजाय कपड़ा उद्योग से जुड़े मुद्दों को उठाया और टेक्सटाइल सेक्टर की परेशानियों पर ध्यान दिलाया. ओवैसी ने कहा कि देश में कॉटन यार्न यानी सूती धागे की बढ़ती कीमतों से पावरलूम और छोटे बुनकरों की हालत खराब हो रही है. उन्होंने खास तौर पर वाराणसी, सूरत, मालेगांव और मुबारकपुर जैसे बड़े टेक्सटाइल हब का जिक्र किया, जहां हजारों छोटे कारोबारी और मजदूर इस संकट से प्रभावित हैं.
सर @TexMinIndia क्या आपको पता है कि यार्न की कीमतों में भारी बढ़ोतरी वाराणसी, सूरत, मालेगांव, मुबारकपुर आदि के MSMEs और माइक्रो पावरलूम बुनकरों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इसके कारण यूनिट्स बंद हो रही हैं और बेरोज़गारी बढ़ रही है।
क्या आप एक मंत्री के रूप में कॉटन यार्न के… https://t.co/2N4MZfNuAg
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) May 16, 2026
कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही- ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कपड़े की कीमतें बाजार में स्थिर हैं, लेकिन कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है. इससे छोटे उद्योगों पर भारी दबाव पड़ा है. कई पावरलूम यूनिट बंद होने की कगार पर हैं और बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं. ओवैसी ने केंद्र सरकार से मांग की कि कॉटन यार्न के एक्सपोर्ट पर रोक लगाई जाए ताकि घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित रह सकें. उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे कॉटन पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी हटाई जानी चाहिए, जिससे उद्योग को राहत मिल सके. इसके अलावा उन्होंने कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर के लिए एक्सपोर्ट इंसेंटिव देने की मांग की. ओवैसी ने कहा कि चीन से आने वाले सस्ते उत्पादों की वजह से भारतीय उद्योग प्रभावित हो रहा है, इसलिए चीन पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जानी चाहिए ताकि घरेलू कारोबार को बचाया जा सके. अपने शपथ ग्रहण को याद रखिए, और ‘शुद्ध अंतःकरण’ शब्द को भी याद रखिए.
ये भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भागीरथ ने किया सरेंडर, POCSO के आरोपी बेटे को पिता ने खुद पुलिस को सौंपा