पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनने के बाद से शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. बंगाल में अराजकतत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त करने का भी सिलसिला शुरू हो गया है. इसी के तहत हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें गंगा घाट और बस स्टैंड के पास बनी अवैध दुकानों को हटाया गया.
अवैध अतिक्रमण को लेकर हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान आईओडब्ल्यू (IOW) विभाग, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और हावड़ा सिटी पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा. जानकारी के मुताबिक काफी समय से लोग रेलवे स्टेशन के बाहर सड़कों और फुटपाथों पर अपनी दुकानें लगा रहे थे और कई लोगों ने अस्थायी दुकानें बनाकर वहां की जमीनों पर कब्जा ही कर लिया था.
Howrah, West Bengal: An anti-encroachment drive was carried out outside Howrah Station in West Bengal, removing illegal shops near the Ganga ghat and bus stand. Railway Protection Force, IOW department, and Howrah City Police participated. Bulldozers cleared unauthorized… pic.twitter.com/82w6yHFLe9
— IANS (@ians_india) May 16, 2026
पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
रेलवे पुलिस ने अब अतिक्रमण हटाकर वहां की जमीनों को खाली करा लिया है. बुलडोजर एक्शन के बाद से पूरा स्टेशन परिसर खाली हो गया है. यात्रियों को अब आने-जाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. RPF की विशेष निगरानी में चले इस पूरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
अब तक कहां-कहां चला बुलडोजर?
अधिकारियों का कहना है कि हावड़ा रेलवे स्टेशन जैसे बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण सार्वजनिक रास्तों को पूरी तरह से जाम और अतिक्रमण से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है. फुटपाथों पर अवैध कब्जों के कारण यात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि रेलवे और सार्वजनिक संपत्तियों पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बता दें कि इससे पहले तिलजाला और उत्तरी 24 परगना जिले के हसनाबाद में भी अवैध अतिक्रमण हटाया गया था.
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