- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के शपथ में नहीं हुआ वंदे मातरम् का पालन।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने राज्य में नई सरकार का गठन कर लिया है और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार (10 मई, 2026) को शपथ ग्रहण भी कर लिया है. थलपति विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के भव्य समारोह में हजारों की संख्या में समर्थक और प्रशंसक शामिल हुए.
हालांकि, इस समारोह की सबसे खास बात यह थी कि इसकी शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के साथ की गई, न कि राज्य के आधिकारिक गीत ‘तमिल थाई वाझथु’ से, जो आज से पहले आमतौर पर होता आया है. दरअसल, इस कदम को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक मैसेज की तरह देखा जा रहा है, जिसका संबंध केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस निर्देश से है, जिसमें यह कहा गया था कि किसी भी औपचारिक और सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया जाना अनिवार्य किया गया है.
विजय के शपथ ग्रहण में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राज्यकीय गीत तीनों गाए गए
टीवीके चीफ सी. जोसेफ विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण से पहले समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, इसके बाद राष्ट्रगान जन गन मन और अंत में राज्य का आधिकारिक गीत तमिल थाई वाझथु तीनों गाए गए. इसके बाद थलपति विजय ने औपचारिक रूप में मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण किया.
केंद्र ने जवाहरलाल नेहरू पर राष्ट्रीय गीत के अनुच्छेदों का हटाने का लगाया था आरोप
उल्लेखनीय है कि थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंच पर उनके बगल में खड़े थे. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की तरफ से लगाए गए उन आरोपों की कड़ी आलोचना की, जिसमें यह कहा गया था कि जवाहरलाल नेहरू के शासनकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी ने सांप्रदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के कुछ अनुच्छेदों को हटा दिया था.
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में नहीं हुआ इस नियम का पालन
हालांकि, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर जोर देने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार (9 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के दौरान इस नियम का पालन नहीं किया था.
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि यह पहली बार था जब राज्य में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बन रही थी. इस मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे थे, लेकिन फिर भी कार्यक्रम से पहले वंदे मातरम का पाठ नहीं किया गया.
यह भी पढे़ंः तमिलनाडु का CM बनते ही थलापति विजय ने राहुल गांधी के सामने कर दिया बड़ा ऐलान, कहा- मेरे अलावा कोई दूसरा….