रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत दौरे को लेकर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच जरूरी मुद्दों पर बातचीत शुरू कराने में मदद कर रहा है. लावरोव ने यह भी कहा कि अगर लंबे समय तक किसी मजबूत मध्यस्थ की जरूरत पड़ती है, तो भारत अपनी बड़ी कूटनीतिक क्षमता और अनुभव के आधार पर यह भूमिका निभा सकता है. उन्होंने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और कई देशों के साथ उसके अच्छे संबंध हैं. इसी वजह से भारत को एक भरोसेमंद और संतुलित मध्यस्थ के तौर पर देखा जा सकता है.
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को रूस से होने वाली तेल सप्लाई पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया. ANI के सवाल पर लावरोव ने कहा कि इस संबंध में डेटा पहले ही ग्लोबल मीडिया में जारी किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि भारत को रूस से तेल की सप्लाई बढ़ी है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगे यह पूरी तरह भारत और उसके फैसलों पर निर्भर करता है.
#WATCH | Delhi: At a media briefing, Russian Foreign Minister Sergey Lavrov speaks on his visit to India
Translating his words, a translator says, “Pakistan is helping establish dialogues between the US and Iran to resolve urgent problems. If they seek a long-term mediator,… pic.twitter.com/j3Sdck7W7E
— ANI (@ANI) May 15, 2026
BRICS के तहत विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा
प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले लावरोव ने हल्के अंदाज में मजाक भी किया. उन्होंने कहा, ‘सर, अगर आप अपना फोन नहीं देंगे तो वे बंदूक निकाल लेंगे.’ उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी देखने को मिली. रूस के विदेश मंत्री ने अपने भारत दौरे को लेकर कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में दो दिन का दौरा पूरा किया है. उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य BRICS के तहत विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेना था. लावरोव ने कहा कि BRICS बैठक से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत भी हुई. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
ये भी पढ़ें: ‘NEET में लगातार गड़बड़ियां, लाखों छात्रों पर पड़ा असर’, एम के स्टालिन किस पर भड़के?